कृषि मंत्रालय ने राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में मान्यता दी; कौशल विकास और एग्री-स्टार्टअप्स को मिलेगी रफ्तार।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (MANAGE) को कृषि कौशल के क्षेत्र में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – स्किल्स’ (Centre of Excellence-Skills) के रूप में आधिकारिक मान्यता प्रदान की है। इस महत्वपूर्ण फैसले का सीधा मकसद देश के कृषि क्षेत्र में पेशेवर प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और कृषि-उद्यमिता को संगठित रूप से नई दिशा देना है। विशेष रूप से कृषि स्नातकों और एग्री-बिजनेस की दिशा में कदम बढ़ाने वाले युवाओं के लिए यह केंद्र आधुनिक कृषि तकनीकों और स्वरोजगार के व्यावहारिक मंच के तौर पर कार्य करेगा।

मुख्य बिंदु: MANAGE हैदराबाद सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
| विवरण | तथ्य / स्थिति |
| संस्थान का नाम | राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (MANAGE), हैदराबाद |
| प्राप्त मान्यता | सेंटर ऑफ एक्सीलेंस – स्किल्स (CoE-Skills) |
| संबद्ध मंत्रालय | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार |
| प्राथमिक फोकस क्षेत्र | कृषि कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, एग्री-उद्यमिता |
| लक्षित वर्ग | कृषि स्नातक (B.Sc/M.Sc Agri), ग्रामीण युवा और एग्री-उद्यमी |
| आधिकारिक घोषणा स्रोत | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय / PIB (5 नवंबर 2026) |
| आधिकारिक पोर्टल | manage.gov.in [VERIFY: manage.gov.in] |
कृषि कौशल और रोजगार के नए रास्ते
पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर जब तकनीक, वैल्यू एडिशन और सप्लाई चेन मैनेजमेंट की बात आती है, तब कुशल मानव संसाधन की मांग सबसे अधिक होती है। MANAGE को उत्कृष्टता केंद्र का दर्जा मिलने से कृषि क्षेत्र में कौशल विकास के पाठ्यक्रमों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा।
इस पहल के तहत निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की रूपरेखा है:
- व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण: केवल सैद्धांतिक ज्ञान के बजाय खेत, लैब और प्रोसेसिंग स्तर पर सीधे काम सीखने का अवसर।
- उद्यमिता को बढ़ावा: एग्री-क्लिनिक, कस्टम हायरिंग सेंटर, सॉइल टेस्टिंग लैब और बीज-खाद वितरण जैसे कृषि व्यवसायों के लिए युवाओं को तैयार करना।
- रोजगारपरक क्षमता निर्माण: निजी कृषि कंपनियों, वेयरहाउसिंग, रिटेल और फूड प्रोसेसिंग उद्योग की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को दक्ष बनाना।
कृषि स्नातकों और एग्री-बिजनेस के लिए क्या बदलेगा?
देशभर के कृषि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से हर वर्ष हजारों छात्र डिग्री पूरी करते हैं। कई बार व्यावहारिक व्यावसायिक अनुभव और बाजार की आधुनिक तकनीकों की स्पष्ट समझ न होने से वे सीधे उद्यम शुरू करने में हिचकिचाते हैं। MANAGE का यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऐसे युवाओं के लिए एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा।
कृषि-आधारित व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे युवा यहां से उन्नत बिजनेस मॉडल, वित्तीय प्रबंधन और परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। विशेष रूप से ऑर्गेनिक फार्मिंग, ड्रिप इरिगेशन, पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट और फार्म मशीनरी के क्षेत्र में स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
कौशल केंद्र के माध्यम से अपेक्षित प्रमुख लाभ
| क्षेत्र | युवाओं और किसानों के लिए प्रत्यक्ष प्रभाव |
| कृषि स्नातक | डिग्री के बाद उद्योग-उन्मुख कौशल और प्रोजेक्ट तैयार करने में सीधा सहयोग |
| ग्रामीण युवा | आधुनिक कृषि उपकरणों के संचालन और प्राथमिक प्रसंस्करण में व्यावहारिक दक्षता |
| एग्री-स्टार्टअप्स | तकनीकी इनक्यूबेशन, विस्तार मॉडल और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा |
| विस्तार कार्यकर्ता | ब्लॉक और ग्राम स्तर पर किसानों तक सटीक वैज्ञानिक सलाह पहुंचाने की क्षमता में सुधार |
युवा और कृषि स्नातक आगे क्या कदम उठाएं?
- आधिकारिक वेबसाइट देखें: MANAGE के आधिकारिक पोर्टल (manage.gov.in) पर कौशल विकास एवं CoE-Skills से जुड़े नए परिपत्रों की जानकारी लेते रहें।
- प्रशिक्षण विंग की जांच करें: संस्थान द्वारा संचालित होने वाले आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अल्पकालिक डिप्लोमा और प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रमों की सूची देखें।
- पात्रता और विषय चुनें: अपनी शैक्षिक योग्यता (स्नातक अथवा ग्रामीण उद्यमी) के अनुसार उपयुक्त कौशल वर्ग का चयन करें।
- एग्री-क्लीनिक एवं एग्री-बिजनेस केंद्र योजना: यदि आप स्वयं का उद्यम लगाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की AC&ABC योजना और MANAGE के इनक्यूबेशन कार्यक्रमों की रूपरेखा समझें।
- दस्तावेज तैयार रखें: अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और निवास प्रमाण-पत्र व्यवस्थित रखें ताकि आवेदन शुरू होते ही औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।